आमुख

 

सृजित सिंचाई क्षमता के कुशल उपयोग द्वारा अधिकतम भूमि सिंचित कर कृषि प्रसार तथा ग्राह्य कृषि अनुसंधान का समन्वय करते हुए कृषि उत्पादन प्राप्त करने की दृष्टि से वर्ष 1974-75 मे राज्य में सिंचित क्षेत्र विकास विभाग स्थापित किया गया एव चम्बल सिंचित क्षेत्र विकास प्राधिकरण व इन्दिरा गांधी सिंचित क्षेत्र विकास प्राधिकरण गठित किये गये।